(Last Updated On: September 20, 2016)

टुकड़ो की आग

जिन्नाह और नेहरू की लालच,
ने जन्म दिया पाकिस्तान को।
सत्ता के लालची सौदागरों ने,
टुकड़ों में बांट दिया हिंदुस्तान को।

                          टुटा हुआ हिंदुस्तान आज भी,
                          भर  ना पाया अपने घाव।
                          अदना सा वह नापाक मुल्क,
                          चलता रहता गंदे दाव।

मातम का माहौल बनाकर,
कश्मीर को अपना बताये।
खुद का पेट भरा नहीं जाता,
दिवा स्वपन  ये किसे दिखाए।

                          मासुमों का खून बहाकर,
                          और करेंगे कब तक राज। 
                          अंत है इनका आने वाला, 
                          जिसका नहीं इन्हें अंदाज़।

अरे ओ नापाक मुल्क,
ना ले हमारे सब्र का इम्तिहान।
सब्र की बांध टूट पड़े तो,
नक़्शे में होगा तेरा कब्रिस्तान।

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