Oct 022015
 

सफाई गिरी 

सफाई अभियान का नारा,
क्या देश को भी है इतना प्यारा।
अगर देश से है वाक़ई में प्यार,
फिर सफाई से क्यों है इंकार।

                            देश का हो दुनिया में नाम,
                            जनता का क्या इससे काम।
                            यही सोच तो पीछे करती,
                            जनता ही फिर इसमें मरती।

चारो तरफ गंद की मार,
क्या करे देश की सरकार।
देश के तंत्र को कहे लाचार,
क्या जनता खुद नहीं ज़िमेदार।

                            स्वच्छ भारत का सुनहरा सपना,
                            हर भारतीय का हो ये अपना।
                            तंत्र को कोसना है बेकार,
                            जनता करे अपने में सुधार।।

हर नागरिक का एक पहल,
भारत को बनाये दुनिया का महल।
अब तो जागो हे जनता जनार्दन,
करो गंद के साम्राज्य का मर्दन।।

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